Sunday, November 29, 2009

रविवार का आलस

मुझे रविवार मैं सबसे बढ़िया बात ये लगाती हैं की सुबह उठने की कोई जल्दी नहीं होती. आराम से उठो, आराम से दो कप चाय पियो, आराम से नाश्ता करो, और दोपहर मैं फिर सो जाओ.
शाम को थोडा बहुत घूम लो, बाज़ार से खरीददारी कर आओ, हो गया रविवार ख़तम.